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जीत के बाद घोषणा पत्र के वादे पूरी करेगी भाजपा सरकार, किसानों को मिलेंगे इतने रुपए, जानिए कैसे...
जनता जनार्दन ने अपना फैसला सुना दिया है। प्रदेश में एक बार फिर भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आई है। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जारी किए घोषणा पत्र में किए वायदों को पूरा करने को लेकर जनता में उम्मीद बढ़ गई है

रायपुर : जनता जनार्दन ने अपना फैसला सुना दिया है। प्रदेश में एक बार फिर भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आई है। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जारी किए घोषणा पत्र में किए वायदों को पूरा करने को लेकर जनता में उम्मीद बढ़ गई है। गैस में सब्सिडी से लेकर, महिलाओं को हर महीने राशि मिलने और किसानों को भाजपा के पिछले कार्यकाल दो साल के बोनस को लेकर चर्चाओं को दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस सरकार द्वारा बोनस की राशि को चार किश्तों में दिया जा रहा था
भाजपा कार्यकाल में वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में धान बेचने वाले किसानों को सरकार द्वारा घोषित बोनस को जारी नहीं किया गया था, जिसे 2023 विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी द्वारा जारी घोषणा पत्र में देने का वायदा किया गया है। जिला सहकारी मर्यादित बैंक से मिली जानकारी अनुसार वर्ष अविभाजित राजनांदगांव जिले में 2016-17 में 1 लाख 15 हजार 374 किसानों ने कुल 51 लाख 78 हजार 54.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। वहीं वर्ष 2017-18 में 82 हजार 316 किसानों से 27 लाख 71 हजार 26.80 क्विंटल धान की खरीदी सोसाइटियों के माध्यम से हुई है।
भाजपा ने पिछले कार्यकाल के बचे हुए बोनस को देने के साथ ही किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी के साथ 3100 रुपए प्रति क्विंटल एकमुश्त राशि देने की बात कही है। कांग्रेस सरकार द्वारा बोनस की राशि को चार किश्तों में दिया जा रहा था। समर्थन मूल्य की बढ़ी हुई राशि इस सत्र बेचे जा रहे धान में देंगे, या फिर अगले सत्र से जारी की जाएगी। इसका फैसला अभी नहीं हुआ है।
आर्थिक स्थितिहोगी मजबूत
जिला सहकारी बैंक द्वारा मिले आंकड़ों के अनुसार दो साल में जिले के किसानों ने 79 लाख 49 हजार 81.6 क्विंटल धान की बिक्री की है। यदि शासन की ओर से प्रति क्विंटल 300 रुपए बोनस जारी किया जा जाता है, तो जिले के किसानों की झोली में दो अरब 38 करोड़ 47 लाख 24 हजार 480 रुपए आ सकती है। यदि शासन की ओर से एक बार में ही यह राशि जारी की जाती है, तो किसान के खाते में अच्छी-खासी रकम आएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
आदेश नहीं आया
फिलहाल नई सरकार का गठन नहीं हुआ है। ऐसे में शासन की ओर से वर्ष 2016-17 व 2017-18 में बेचे गए धान की बोनस को लेकर अभी किसी तरह से आदेश-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेशानुसार काम किया जाएगा।
कांग्रेस ने भी की थी घोषणा
वर्ष 2016-17 व 2017-18 में भाजपा सरकार द्वारा किसानों को बोनस नहीं देने को मुद्दा बनाते हुए उस राशि को भी किसानों को देने की बात कांग्रेस पार्टी द्वारा 2018 विधानसभा चुनाव में देने की घोषणा की गई थी, लेकिन सत्ता सरकार में आते ही भले ही कांग्रेस ने किसानों का कर्जा माफ कर दिया, लेकिन दो साल के बोनस को पूरे पांच साल में जारी नहीं किया गया। भाजपा द्वारा भूल सुधार करते हुए 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान बचे हुए बोनस राशि को एकमुश्त देने की घोषणा की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद एक बयान में इसे प्राथमिकता से पूरा करने की बात कही है। यही कारण है कि किसान दो साल के बोनस मिलने की आस लगाए हैं।